16 फ़रवरी 2015

जय महाकाल


कैलाश के विहारी ,
समग्र दुनिया तुमको प्यारी,
तुझे कोटि - कोटि प्रणाम,
तुम ही देते अनाम को नाम। 

सर्पमाला से सुसज्जित,
करते सब का हित,
तुझे कोटि - कोटि प्रणाम,
तुम में समाये चारों धाम। 

चन्द्रमा को मान दिया,
ललाट पर स्थान दिया,
तुझे कोटि - कोटि प्रणाम,
तुम में समाये चारों धाम। 

हस्त में त्रिशूल है,
तुझ में सभी मंत्रो का  मूल है, 
तुझे कोटि - कोटि प्रणाम,
जग में केवल सच्चा है शिव का नाम । 

1 टिप्पणी:

आभार है मेरा